Description
भाग 1 – जब हम हरे कृष्ण मन्त्र की शरण ग्रहण करते हैं और पवित्र नाम को प्रार्थना करते हैं कि हमारी रक्षा करें, तब हम सारी घटनाओंसे अप्रभावित हो जाते हैं। कृष्ण हमें काम करने की सारी सुविधाएं प्रदान करेंगें। इस बात पर निश्चिंत रहें कि भक्तों की रक्षा पवित्र नाम के द्वारा की जाएगी। जिस प्रकार समुद्र में हरेक समय पर खतरा होता हैं, किन्तु यदि हम भगवान् कृष्ण के चरणकमलरुपी नौका का सहारा लेते हैं, तो खतरों से भरा यह महान सागर एके छोटे गड्ढे जैसा हानिरहित बन जाता है। भगवान् को पवित्र नाम का मात्र कीर्तन करने से हम ऐसे सैंकडो गड्ढे पार कर सकते हैं। – श्रील प्रभुपाद द्वारा विभिन्न भक्तों को लिखे गये पत्रों में से– भाग 2 – अब मेरी आप से जो एक प्रार्थना है, वह यह है कि आप कृष्णभानामृत को जीवन में अपनाकर पूर्णतया सुखी बनें और आप निश्चित रूप से यह जान सकते हैं कि इस प्रकार आप मेरे साथ भगवान् के धाम को वापस आ सकते हैं। हमें यह अच्छी तरह जानना चाहिए कि कृष्ण कोई गरीब व्यक्ति नहीं हैं और वे हमें किसी भी समय कितनी भी सम्पत्ति दे सकते हैं। वे केवल इसी बात की प्रतीक्षा कर रहे हैं कि हम उनकी इच्छा के अनुसार उस सम्पत्ति का उपयोग करने जा रहे हैं या नहीं। अत: हम जितना अधिक धन उनकी सेवा में खर्च करेंगे, उतना ही अधिक वे हमे देंगे। –श्रील प्रभुपाद द्वारा विभिन्न भक्तों को लिखे गये पत्रों में से–










